प्रेम, इश्क़, मोहब्ब्त, प्यार वाला महीना चल रहा। वैसे तो हर दिन प्यारा और प्यार के नाम ही होता है। बशर्ते हम किस तरह से उस दिन को पल को कैसे प्यारा बनाते हैं। वो हम पर ही निर्भर करता है।
बरहाल कल पता चला कि कल चॉकलेट डे है। तो सोचा क्यों ना इस बार कुछ स्पेशल किया जाए।
कहानी शुरू होती है अब....
एक साल पीछे चलते हैं। नैनी और केल कॉलेज टाइम से ही साथ पढ़े थे और बहुत अच्छे थे। रोज़ाना साथ आना साथ जाना उनको बेहद पसंद था। कभी भी दोनों में से कोई भी कॉलेज ना तो अकेला आता और ना ही जाता था। अगर एक कॉलेज नहीं जा रहा तो दूसरा भी नहीं जाता था। दोस्ती इतनी गहरी हो गयी कि कॉलेज की पढ़ाई खत्म होने के बाद जॉब भी दोनों एक ही कम्पनी में करने लगे। फिर दोनों पूरा-पूरा वक्त एक दूसरे के साथ ही बिताते थे। इसी तरह दोनों की प्यार भरी ज़िंदगी खूबसूरत तरीके से चलती रही। दोनों साथ खाना खाते और साथ ही घूमने जाते थे। फिर दोनों का प्यार बहुत गहरा होता चला गया। दोनों ने आपस में बात रखी के दोनों अब शादी कर लेते हैं। जब दोनों को साथ ही रहना है। हां और एक बात। नैनी को चॉकलेट बहुत पसन्द थी। उसके बैग में हमेशा चॉकलेट पड़ी रहती थीं। केल जब भी मिलता वो भी उसके लिए चॉकलेट ही लाता था। अगर कभी नैनी गुस्सा हो जाती तो केल को पता था। इसकी सबसे पसन्द चॉकलेट है। वो चॉकलेट से ही उसको मना लेता था।
तो अब दोनों ने अपने-अपने घर जाकर बात की होना क्या था वो ही। शादी तो दोनों को करनी ही थी। केल का इस दुनिया में कोई नहीं था। वो अपने रिश्तेदारों के पास पला बड़ा था। एक समय बाद फिर वो खुद ही रिश्तेदारों के पास से अलग हो गया। ये कहकर कि मैं कुछ अपना करना चाहता हूँ। तो उसने जगह-जगह जॉब की। खुद से अपने लिए बहुत मेहनत की। फिर नैनी मिल गयी तो वह खुद को अकेला महसूस नहीं करता था। अपनी सारी बात नैनी को बताता और उसकी भी सुनता।
नैनी की माँ को केल इसी लिए कम पसन्द आया कि वो अकेला है। मगर नैनी ने अपनी माँ को बहुत समझाया। क्योंकि नैनी के भी पापा जी एक कार दुर्घटना में मर चुके थे। तो नैनी की माँ को डर ही रहता था। वो सोचतीं थीं कि नैनी ऐसी जगह शादी करे जहाँ पूरा परिवार हो। मगर केल बहुत ही सुलझा हुआ लड़का था। फिर एक दिन नैनी ने केल को सब बात बतायी। केल बोला नैनी तुम परेशान मत हो आज मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे घर चलूँगा। माँ जी से मैं बात करूँगा। फिर वो जैसे कहेंगी। दोनों को मंजूर होगा। नैनी बोली ठीक है। अगर मना किया तो मुझे नहीं रहा जाएगा। केल तुम मेरी अब ज़िंदगी बन चुके हो। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। आई लव यू केल। इतने में नैनी, केल को कसकर गले लगा लेती है। अब शाम को केल,नैनी के घर आता है। माँ जी पैर छूता है। नैनी की माँ केल के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देती है। हमेशा खुश रहो बेटा। बैठो बेटा। नैनी तुम दोनों बात करो मैं चाय बनाकर लाती हूँ। इतने में केल बोला माँ जी आप बैठो नैनी के पास। आज चाय मैं आप सबको पिलाता हूँ। नैनी बोली अरे तुम ये क्या कर रहे हो। अरे नैनी तुम आज मेरे हाथ कि चाय पीकर देखना और माँ जी को भी पिलाना। केल जिद्दी के साथ शरारती भी था। अब माँ जी बोलीं ठीक है बेटा चल। बना ले फिर।
केल हमेशा अपने बैग में कुल्हड रखता था। क्योंकि उसको कुल्हड की चाय बहुत पसन्द थी। क्योंकि वो बाहर जब भी चाय पीता था। तो अपना कुल्हड चाय वाले को देकर । उसमें चाय कराकर पीता था। अगर कहीं कुल्हड वाली चाय मिल जाती तो उन्हीं के से पी लेता था। और कुल्हड के अनेकों फायदे बता देता था। उस दिन चॉकलेट डे भी था। तो केल के दिमाग में एक और आइडिया आया। सोचने लगा क्यों ना कुछ स्पेशल हो जाये। केल ने अपने बैग में से तीन कुल्हड निकाले और जो नैनी को देने के लिए चॉकलेट रखी थीं। वो भी चाय में डाल दीं। और एक मज़ेदार चाय बनाई। रसोई में से ही बहुत प्यारी खुशबू आ रही थी। नैनी मज़ाक में बोली चाय वाले जी बहुत अच्छी खुशबू आ रही है अब ले आओ। रुका नहीं जा रहा। इतने में केल एक प्लेट में तीन कुल्हड़ वाली चॉकलेटी चाय लेकर आता है। और पहले माँ जी को देता है। और कहता है हैप्पी चॉकलेट डे चाय माँ जी। माँ जी हंसते हुए बोलीं आज चॉकलेट डे है क्या?? केल बोला जी माँ जी। फिर उसने नैनी को चाय दी और कहा... हैप्पी चॉकलेट डे मिस नैनी जी।
अब दोनों उसकी चाय की तारीफ़ करने लगीं। फिर नैनी की माँ ने कहा बेटा हम सोच रहे थे। कि नैनी ऐसी जगह शादी करे जहाँ
परिवार हो। केल ने फिर समझाया... माँ जी आप हो ना मेरा परिवार। हम सब साथ में ही रहेंगे। चाहे तो आप वहाँ रह लेना। जहाँ मैं रहता हूँ। बाकी आप जैसा सही समझो। क्योंकि नैनी और हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। और हमेशा खुश रहेंगे। हम आपस में कॉलेज से साथ हैं और जॉब भी साथ करते हैं। आपका भी इस दुनिया में नैनी ही सहारा है। मेरा भी नैनी के सिवाय कोई नहीं। फिर नैनी ने भी हिम्मत कर माँ जी को समझाया। फिर नैनी की माँ जी को समझ आ गया। उन्होंने फिर शादी के लिए हाँ कर दी। और बोली बेटा तुम मेरे पास ही रहना। हंसते हुए बोलीं.. और हाँ कुल्हड वाली चॉकलेट चाय रोज तुम्हारे हाथ की ही पीयूंगी। अब केल और नैनी एक साथ बोले माँ जी हम दोनों आपके लिए ऐसी ही चाय बनाकर दिया करेंगे।
फ़िर तीनों एक साथ बोले हैप्पी चॉकलेट डे चॉकलेटी चाय के साथ।
- अनूप बसर(✍️)
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